भारत ही नहीं विदेशों में भी है होली की धूम

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-अलग-अलग ढंग से धूमधाम से मनाई जाती है होली
रंगों का पर्व होली। होली का नाम सुनते ही मन में लाल, पीले, नीले, हरे, जामुनी, गुलाबी रंग उड़ते दिखाई देने लग जाते हैं। हो भी क्यों न यह पर्व रंगों के साथ जीवन में खुशियां भरा माहौल लेकर आता है। होली का पर्व केवल भारत में ही नहीं बल्कि विदेश में भी धूमधाम से मनाया जाता है। गुस्सा, ईर्ष्या, द्वेष को समाप्त कर हर कोई एक-दूसरे को रंग लगाते हैं। हर देश में होली मनाने के तरीके चाहे अलग-अलग हैं। परंतु इस पर्व का मुख्य उद्देश्य एक दूसरे संग प्यार की भावना को बढ़ाना है। आईए आज आपको बताएं कि भारत औऱ विदेश में कहां-कहां किस-किस ढंग से होली का पर्व मनाए जाने की परंपरा है।

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मथुरा की लट्ठमार होली है विशेष
भारत में होली मनाने की परंपरा बेहद प्राचीन है। भगवान श्री कृष्ण के काल से ही भारत में होली मनाए जाने का उल्लेख मिलता है। लाल, पीले, नीले, हरे, गुलाबी व अन्य रंगों से तो सारे भारत में ही होली मनाने का चलन है। परंतु कई स्थानों पर सुखे रंग और कई स्थानों पर पानी में रंगों को मिला कर खेलने का भी चलन है। इतना ही नहीं कई स्थानों पर तो रंगे बिरंगे फूलों से भी होली खेलने की परंपरा कायम है। कई स्थानों पर तो इस पर्व से पहले होलिका दहन की बी पंरपरा कायम है। परंतु उत्तर प्रदेश के मथुरा यानिकि भगवान श्री कृष्ण की नगरी की लट्ठमार होली तो सभी से विशेष है। इस होली को खेलने व देखने के लिए तो देश ही नहीं विदेशों से भी लोग खास तौर से पहुंचते हैं।
कहा जाता है कि भगवान श्री कृष्ण महिलाओं का बेहद सम्मान करते थे। किसी भी मुसीबत आने के समय वह दौड़े चले आते थे। लट्ठमार होली में भी श्री कृष्ण के इसी संदेश को समाहित किया हुआ है। जब श्री कृष्ण अपने साथियों संग बरसाना में होली खेलने आते थे। तो राधा अपनी सखियों संग बांस की लाठियों से उन्हें दौड़ाती थी। पुरुष अपना बचाव करने के लिए ढाल का प्रयोग करते थे। यह पंरपरा उसी समय से प्रचलित है। मौजूदा समय में भी इस क्षेत्र की महिलाएं लट्ठमार होली को बेहद उत्साह से मनाती हैं।

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स्पेन औऱ इटली में खेली जाती है टमाटरों की होली
भारत में जहां रंगों, फूलों व लट्ठमार होली बेहद प्रचलित है। उसी तरह स्पेन की होली भी समूचे विश्व में बेहद मशहूर है। यहां होली को ला टोमाटीना से के नाम से जाना जाता है। हर साल अगस्त माह में ला टोमाटीना पर्व मनाया जाता है। इस उत्सव में सभी लोग एक-दूसरे पर टमाटर फेंकते हैं। इसके अलावा इटली में जनवरी महा में होली की तरह ऑरेंज बैटल के नाम से उत्सव मनाया जाता है। इस उत्सव में स्पेन की तरह ही लोग एक-दूसरे पर टमाटर फेंक कर अपनी खुशियों मनाते हैं।

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थाईलेंड में सांग कान उत्सव होता है विशेष

थाइलेंड में नव वर्ष पर सांग कान उत्सव का आयोजन किया जाता है। यह पूर्णतौर से भारतीय होली पर्व समान मनाया जाता है। हर नागरिक एक दूसरे पर रंग लगा कर अपनी खुशियां का इजहार कर एक दूसरे को नववर्ष की मुबारकबाद देते हैं।

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अजीबो-गरीब कपड़े पहना जाता है पर्व
जर्मनी के रैनलैंड शहर में माह अक्टूबर में होली की तरह पूरे एक सप्ताह तक पर्व मनाए जाने की परंपरा है। इस उत्सव में लोग अजीबो-गरीब तरह के कपड़े पहन कर एक-दूसरे का मजाक उड़ाते हैं। इस पर्व के दौरान मजाक उड़ाने का कोई भी बुरा नहीं मनाता है।

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रोम में मनाया जाता है रेडिका पर्व
रोम में रेडिका पर्व को होली के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व काफी हद तक भारत के होलिका दहन परंपरा से प्रभावित कहा जा सकता है। इस उत्सव के दौरान सभी लोग किसी ऊंचे स्थान पर एकत्रित हो कर लकड़ी एकत्रित करके उसे जलाते हैं। इस दौरान जलती लकड़ियों के चारों तरफ लोग झूमते, नाचते और गाते हैं।

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दक्षिण कोरिया में मनाया जाता है मड उत्सव
दक्षिण कोरिया में बोरयॉन्ग मड उत्सव होली की तरह माह जुलाई में धूमधाम से मनाया जाता है। इस उत्सव के दौरान लोग एक-दूसरे पर कीचड़ फेंकते हैं। इतना ही नहीं इस उत्सव के दौरान कीचड़ के भरे विशाल टबों में लोग तैर कर अपनी खुशी का इजहार करते हैं।

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ऑस्ट्रेलिया में मनाया जाता वाटर मेलन उत्सव
आस्ट्रेलिया में हर दो साल के बाद लोग फरवरी माह में वाटरमेलन उत्सव मनाते हैं। यह पर्व भी भी होली की तरह ही मनाया जाता है। इस उत्सव में सभी लोग एक-दूसरे पर तरबूज फेंक कर अपनी खुशी का इजहार करते हैं।

प्रदीप शाही

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