Wednesday, February 20, 2019
Home भारत

भारत

श्रीकृष्ण के श्राप कारण पांच हजार साल से भटक रहे हैं अश्वत्थामा

-किले के शिवमंदिर में प्रतिदिन पूजा करने आता है अश्वथामा यह सच है कि दिया गया श्राप कभी भी व्यर्थ नहीं जाता है। यही कारण है कि महाभारत काल में गुरु द्रोणाचार्य के बेट वीर अश्वथामा को एक चूक का...

मां लक्ष्मी संग कहां पर विराजमान हैं वराह और नृसिंह अवतार

-नृसिंह की प्रतिमा पर लगातार सारा साल किया जाता है चंदन का लेप भारत के कोने-कोने में प्राचीन मंदिर विद्यमान हैं। हर मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठित प्रतिमाओं का रोमांचक इतिहास है। इतना ही नहीं इन मंदिरों की पूजा का विधान भी...

इस पावन स्थान पर जन्मे थे राम भक्त श्री हनुमान

-यहां के लोग अपने आप को मानते हैं हनुमान के वंशज लंकापति रावण की ओर से छल से माता सीता के हरण के बाद भगवान श्री राम के साथ हुए युद्ध में राम भक्त श्री हनुमान का अमूल्य योगदान रहा...

यहां पर जमीन में गड़ा है भगवान परशुराम जी का फरसा…

-मंदिर में भगवान परशुराम के पद चिह्न है विद्यमान देवी देवताओं के इस धरती पर अवतरित होने को कभी भी झुठलाया नहीं जा सकता है। भारत में जगह-जगह पर देवी देवताओं के अवतरित होने के प्रमाण आज भी विद्यमान हैं।...

यह सच है ! अंदरुनी चोट के उपचार में इनका सेवन है रामबाण…

-आयुर्वेद ने माना दूध में हल्दी मिलाकर पीने से होते हैं अदभुत लाभ सदियों पहले उपचार आयुर्वेद पद्धति से किए जाते थे। यह पद्धति आज भी बेहद कारगार है। जड़ी बूटियों, फल, फूलों से मिलने वाले पौषक तत्वों का सही...

इस मंदिर में भगवान गणेश गजमुखी नहीं, नरमुखी रुप में हैं विराजमान….

-देश का एकमात्र सिद्धिविनायक गणेश जी का मंदिर सिद्धिविनायक भगवान श्री गणेश के देश या विदेश में जितने भी मंदिर हैं, वहां उनकी गजमुखी प्रतिमाएं ही प्राण-प्रतिष्ठित हैं। परंतु देश में एकमात्र एेसा मंदिर भी है, जहां पर भगवान श्री...

सकारात्मक उर्जा, अच्छी सेहत पानी है तो जाएं रोजाना मंदिर

-विज्ञान ने भी स्वीकारे तथ्य जब हम किसी मंदिर के सामने से गुजरते हैं, तो हमारा मस्तक स्वतः ही झुक जाता है। यह धार्मिक पहलू है। वहीं दूसरी तरफ साइंस ने यह स्वीकार है कि रोजाना मंदिर जाने वालों को...

यहां होती है बिना सिर वाली मूर्तियों की पूजा-अर्चना

-900 साल पहले बने मंदिरों को ओरंगजेब ने तुड़वाया सनातन धर्म में मंदिर या किसी घर में प्राण प्रतिष्ठित प्रतिमा के किसी भी तरह से खंडित होने पर उस प्रतिमा को पूजन के अयोग्य मान लिया जाता है। या यूं...

घट-घट में, कण-कण में है प्रभु श्री राम का वास

-भारत में यहां पर स्थित हैं भगवान श्री राम के मंदिर भगवान श्री विष्णु हरि के अवतार भगवान श्री राम का घट-घट व कण-कण में वास माना जाता है। भगवान श्री राम के राम राज्य का उल्लेख सदियों बाद भी...

भारत में यहां पर होती दशानन रावण की पूजा, नहीं किया जाता है दहन

-कई लोग रावण को मानते हैं अपना पूर्वज माता सीता का हरण करने पर भगवान श्री राम की ओर से महाबली, प्रकांड पंडित, वेदों के ज्ञाता, महादेव के अनन्य भक्त लंकापति रावण का वध कर बुराई पर अच्छाई की जीत...