इसके सेवन से खून, वजन बढ़ाएं, जोड़ों के दर्द को करें कम…

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-कच्चा और पका कर दोनों रुप में कर सकते हैं शकरकंद का सेवन

मौसम के बदलने के साथ ही छुट-पुट रोग इंसान को अक्सर घेर लेते हैं। यदि शरीर में रोग-प्रतिरोधक क्षमता अधिक हो तो इन रोगों से बचाव किया जा सकता है। रोग-प्रतिरोधक क्षमता भोजन में नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट्स को शामिल करने से बढ़ती है। इसलिए हमें रोग-प्रतिरोधक क्षमता वाले भोजन का ही सेवन करना चाहिए। शकरकंद एक एेसा भोजन है, जिन में नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट्स भारी मात्र में मौजूद है। इनके सेवन से शरीर स्वस्थ रहता है| शकरकंद की बहुत सारी किस्में  दुनिया भर में आसानी से मिल जाती हैं। जिसे कच्चा और पका कर दोनों रूप से खाया जा सकता हैं। लाल किस्म के शकरकंद (Sweet Potato) को उबाल कर खाने से पहले से भी ज्यादा पोषक तत्व शरीर को मिल जाते हैं। इसके अंदर विटामिन ए, कैल्शियम, फॉस्‍फोरस, सोडियम, पोटेशियम, आयरन भरपूर मात्रा में और विटामिन सी अल्‍पमात्रा में होता  है। फाइव एलिमेंट हेल्थ एंड सोसाइटी के डॉ. जोगिन्दर टाइगर के अनुसार शकरकन्‍द खाने में मीठा होता है। इसके सेवन से खून बढ़ता है, शरीर स्वस्थ होता है साथ ही यह कामशक्ति में भी इजाफा होता है।

वजन बढ़ाने में है लाभदायक

शकरकंद के अंदर बहुत मात्रा में स्टार्च होता है साथ ही इसमें विटामिन, खनिज और कई तरह के प्रोटीन भी होते हैं। यह बहुत आसानी से पच भी जाता है और शरीर को उर्जा भी देता है  इसलिए यह वजन बढ़ाने में भी काफी सहायक है।

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किडनी , हार्टबर्न, एसिडिटी और गठिया में सहायक

शकरकन्‍द में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्‍व आंतरिक और बाहरी सूजन जैसे हार्टबर्न, एसिडिटी और गठिया के इलाज में सहायक होता है। ये सभी समस्याएं शकरकन्‍द के नियमित इस्‍तेमाल से ठीक हो जाती हैं।  गठिया की बीमारी यानि कि जोड़ो में दर्द होने पर शकरकंद को जिस पानी में उबाला है। उसी पानी को जोड़ो पर लगाने से गठिया का दर्द कम हो जाता है ।

डायबिटीज (diabetes) की प्रॉब्लम का करें समाधान

शकरकन्‍द में मौजूद कैरोटीनॉयड नामक तत्‍व रक्त शर्करा को कम करने में मदद करता है। साथ ही इसमें मौजूद विटामिन बी -6 डायबिटिक हार्ट डिजीज को कम करने में मदद करता है। जिन्हें डायबिटीज (diabetes) की प्रॉब्लम होती है, उन्हें मीठी चीज नहीं खानी चाहिए। परंतु यह डायबिटीज वालों के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। इसकी वजह से ब्लड  शुगर का स्तर हमेशा संतुलित रहता है। इसे कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन या चावल की जगह भी इस्तेमाल कर सकते है जो कि  शरीर को इससे कोई नुकसान नहीं पहुँचता है।

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कब्ज, एसिडिटी में बेहद असरदार

स्वीट पोटैटो पेट और आंतों के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। इसके अंदर बहुत सारे पोषक तत्व होते हैं। जिसकी वजह से पेट में अल्सर (stomach ulcer ) होने पर वह भी ठीक हो जाते है। शकरकंद खाने पर कब्ज और एसिडिटी की  शिकायत नहीं रहती है। अल्सर होने की संभावना भी कम हो जाती है। शकरकन्‍द प्रदर रोग में लाभकारी होता है। प्रदर रोग होने पर शकरकन्‍द को जिमीकन्‍द में बराबर मात्रा में लेकर छाया में सुखाकर और पीसकर बारीक चूर्ण बना कर इस चूर्ण को ताजे पानी और शहद में मिलाकर सेवन करने से बहुत लाभ होता है।

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पानी की कमी  (डिहाइड्रेशन) को करता है कम 

स्वीट पोटैटो के अंदर फाइबर (Fiber) भरपूर मात्रा में होता है। जिससे शरीर में पानी की कमी  (डिहाइड्रेशन) कभी भी नहीं होती है। शकरकंद शरीर में कोशिकाओं को अच्छे से काम करने और  हाइड्रेट बनाए रखने में भी मदद करता है।

इम्युनिटी ( प्रतिरक्षण प्रणाली) बढ़ाने में असरदार

आयरन शरीर में एनर्जी के स्‍तर को बनाए रखने में मदद करता है और शकरकन्‍द में आयरन विटामिन बी कॉन्पलेक्स,  विटामिन सी और फ़क़स्फरोस भरपूर मात्रा में होता है। इसलिए यह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। इसके अलावा, शकरकन्‍द सफेद और लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में सुधार करता है। सही मात्रा में इसका सेवन करने से शरीर में जितनी भी बीमारियां हैं वह सब दूर हो जाती है।

श्वास संबंधी रोगों को करता है दूर

नियमित रूप से एक शकरकन्‍द का सेवन शरीर के लिए विटामिन ए की जरूरत का 90 प्रतिशत पूरा कर फेफड़ों के रोगों को दूर करता है | फेफड़े में कफ जमा हुआ है तो यह उसे निकालने में भी मदद करता है। ब्रोंकाइटिस होने पर शकरकंद जरूर खाना चाहिए। क्योंकि यह शरीर को गर्म रखता है।

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पाचन में फायदेमंद

शकरकंद में फाइबर मैग्निशियम स्टार्च (Starch)  होता है। इसलिए पचने में किसी भी तरह की परेशानी पैदा नहीं करता है। यह पेट और आंतों के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है।

दिल की धड़कन नियंत्रित करता है

यह किडनी के कार्यों को नियंत्रित करने, सूजन को कम करने, मांसपेशियों में ऐंठन को समाप्त करने, दिल की धड़कन और तंत्रिका संकेतों को नियंत्रित करने में भी मदद करता हैं।

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कैंसर रोकने में असरदायक

शकरकंद में बीटा-कैरोटीन एंटीऑक्सीडेंट (Anti-Oxidants ) और एंटी कार्सिनोजेनिक (Carcinogenic) पदार्थ होते हैं जो कैंसर जैसी बीमारियों से भी लड़ने में मदद करता है।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान   

जिन लोगों के गुर्दे खराब हैं, उन्हें शकरकंद का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि इसमें ऑक्सलेट, कैल्शियम-ऑक्सलेट मिलता है। जिसकी वजह से गुर्दे में पथरी बनने की भी संभावना बढ़ जाती है।

वंदना

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