Sunday, January 20, 2019
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देखो!! इंसानी मांस खाने वाले और शव से संबंध बनाने वाले अघोरी साधू

12 साल बाद आने वाले कुंभ व अर्ध कुंभ पर्व पर बड़ी संख्या में साधू व महात्मा पहुंते हैं। कुंभ के इस पावन पर्व पर नागा साधू मुख्य रूप से आकर्षण को केंद्र होते हैं। इस दौरान सबसे पहले...

भगवान श्री हरि विष्णु के इन अवतारों ने दिलाई धरती को पापों से...

-भगवान विष्णु के 24 अवतारों में से कौन से 23 अवतार हुए अवतरित धरती पर जब पाप बढ़ जाते हैं, तो भगवान अवतरित हो कर पापियों का नाश करते हैं। सदियों से धरती पर उत्पन्न होने वाले संकटों का समाधान...

भगवान शिव की अमूल्य भेंट बांसुरी को भगवान श्री कृष्ण ने क्यों तोड़ा?

-राधा की मौत के बाद टूट गई थी श्री कृष्ण की बांसुरी की तान द्वापर काल में इस धरती पर पर अवतरित हुए भगवान श्री कृष्ण के जीवन से संबंधित कई घटनाओं को हम सब बहुत अच्छी तरह से जानते...

भगवान श्री राम ने लंका कूच से पहले यहां किया था श्री गणेश का...

-विश्व का एकमात्र मंदिर जहां सिद्धिविनायक श्री गणेश परिवार सहित विराजमान भारत में कई मंदिर एेसे हैं, जहां पर प्राण प्रतिष्ठित प्रतिमाएं इस धरती से स्वयं ही प्रकट हुई। या कुछ एेसी प्रतिमाएं भी हैं, जिनको मंदिर में स्थापित करने...

कुंभ में ही प्रकट होते हैं शिव और अग्नि के भक्त यह रहस्यमयी साधु

-एक सैन्य रेजीमेंट से कम नहीं है नागा साधु आपने अक्सर अर्ध कुंभ, कुंभ के पावन अवसर पर ही लंबी-लंबी जटाओं वाले, शरीर पर विभूति लगाए, हाथों में त्रिशूल धारण किए नग्न साधुओं की एक विशेष जमात को देखा होगा।...

किस्मत चमकानी है तो करें यह अचूक उपाय

-विज्ञान ने भी माना सूर्य अर्घ्य बेहद हितकारी हिंदू धर्म में सूर्य ग्रह को आत्मा का कारक माना गया है। इतना ही नहीं सूर्य को देवता के रुप में भी पूजा जाता है। पूर्व दिशा को सूर्यदेव के उदय का...

कहां मक्खन से जुड़ जाता है खंडित शिवलिंग….

भारत देवी-देवताओं व ऋषियों-मुनियों की धरती है। भारत में भगवान के विभिन्न रूपों की अराधना व पूजा की जाती है। भारत के कोने-कोने विभिन्न में देवी- देवताओं के मंदिर स्थित हैं। कुछ मंदिर इतने चमत्कारिक, रहस्यमयी व अदभुत हैं...

ऐसे करें भगवान का जप , पूरी होगी मनोकामना

हिन्दू धर्म में जप का विशेष महत्व है। प्राचीन समय से ही जप भारतीय संस्कृति व हिन्दू धर्म का अभिन्न अंग रहा है। प्राचीन ऋषि-मुनि अपनी साधना के दौरान जप को खास महत्व देते थे। जप मुख्य रूप से माला...

प्रभु श्री राम के वंशज आज भी हैं जिंदा….

-भवानी सिंह थे कुश के 309वें वंशज भगवान श्री हरि विष्णू जी, प्रभु श्री राम के रुप में छठे अवतार के रुप में धरती पर अवतरित हुए। भगवान श्री राम ने महाराजा दशरथ व माता कौशल्या के परिवार में भगवान...

यहां छूने से मिलती है जादुई ऊर्जा, और ये लगाया तो हो जाएगा...

-सिद्धिविनायक भगवान श्री गणेश के पूजन और तिलक धारण के बिना पूजा अधूरी -धार्मिक अनुष्ठान के शुभारंभ से पहले इसे धारण करना है अनिवार्य हिंदू संस्कृति में सदियों से सिद्विविनायक भगवान श्री गणेश जी के पूजन और तिलक धारण किए बिना...