विजीलैंस ब्यूरो द्वारा जेई मनरेगा 25,000 रुपए रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों काबू

चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध अपनाई ज़ीरो सहनशीलता नीति के मद्देनज़र पंजाब विजीलैंस ब्यूरो की तरफ से चलाई मुहिम के दौरान गुरूवार को बी.डी.पी.ओ दफ़्तर जलालाबाद, फाजिल्का में तैनात सुवर्षा, जूनियर इंजीनियर, महात्मा गांधी नेशनल ग्रामीण रोज़गार गारंटी कानून ( मनरेगा) को 25,000 रुपए की रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों को काबू किया है।

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इस सम्बन्धी जानकारी देते हुये पंजाब विजीलैंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि दोषी जूनियर इंजीनियर (जे.ई.) मनरेगा को सुखजिन्दर सिंह निवासी गाँव चक्क रोड़ांवाली (तम्बूवाला) जलालाबाद की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया है।
और जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता ने विजीलैंस ब्यूरो में दर्ज करवाई शिकायत में दोष लगाया कि उसने अन्यों के साथ मिलकर अपने गाँव चक्क रोड़ांवाली में पंचायती जमीन पर सरकारी स्कीम के अधीन जंगल (पौधे) लगाये हैं परन्तु जेई सुवर्षा उस ज़मीन की माप के बाद भुगतान के लिए उसका केस भेजने के बदले 50,000 रुपए रिश्वत की माँग कर रही है।

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शिकायतकर्ता ने आगे बताया कि बातचीत के बाद जेई को दो किश्तों में 45,000 रुपए देने के लिए सौदा तय हुआ है।
प्रवक्ता ने बताया कि शिकायत में दर्ज तथ्यों की पड़ताल के उपरांत विजीलैंस ब्यूरो की टीम ने जेई सुवर्षा को शिकायतकर्ता से पहली किस्त के तौर पर 25,000 रुपए की रिश्वत लेते हुये दो सरकारी गवाहों की हाज़िरी में रंगे हाथों काबू कर लिया। इस सम्बन्धी मुकदमा नम्बर 13 तिथि 04.08.2022 को भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की धारा 7 तहत विजीलैंस ब्यूरो के थाना फ़िरोज़पुर में दर्ज कर लिया है और आगे कार्यवाही जारी है।

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