पंजाब सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं और विकास प्रोजेक्टों के अंतर्गत बकाया भुगतानों की अदायगी के लिए 1561.08 करोड़ रुपए जारी

चंडीगढ़, 25 नवम्बर:
पंजाब सरकार द्वारा आज विभिन्न योजनाओं और विकास प्रोजेक्टों के लिए 1561.08 करोड़ रुपए के फंड जारी किये गए हैं जिसमें 24 नवंबर तक अपने कर्मचारियों को जनरल प्रोविडेंट फंड (अंतिम और पेशगी)/ग्रुप इंश्योरैंस स्कीम की अदायगी के लिए 802.35 करोड़ रुपए शामिल हैं।
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार वित्त विभाग ने 14वें वित्त कमीशन की ग्रांटों के कुल 169 करोड़ रुपए में से होशियारपुर के लिए 94 करोड़ रुपए और तरन तारन के लिए 75 करोड़ रुपए और पंजाब बुनियादी ढांचा विकास बोर्ड को राज्य भर में विभिन्न विकास योजनाएं और प्रोजैक्ट लागू करने के लिए 86.60 करोड़ रुपए जारी किये हैं।
इनके अलावा स्टैंडर्ड ऑब्ज़ैक्ट ऑफ ऐक्सपैंडीचर (एस.ओ.ई.) के अंतर्गत बिजली (38.68 करोड़ रुपए), पेट्रोल और लुबरीकैंटस (18.60 करोड़ रुपए), रैंट रेट एंड टैक्सिज़ (4.19 करोड़ रुपए) और अन्य दफ़्तरी खर्चों (7.84 करोड़) के लिए जारी किये गए हैं। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजग़ार गारंटी एक्ट (मनरेगा) अधीन 51.30 करोड़ रुपए और स्मार्ट सिटी मिशन और अमरुत के अंतर्गत 50-50 करोड़ रुपए जारी किये गए हैं।
इस बारे और जानकारी देते हुए प्रवक्ता ने बताया कि टीडीएस की अदायगी के लिए 48 करोड़ रुपए और कोर्ट /ट्रिब्यूनल मामलों की फ़ीस की अदायगी के लिए 40 करोड़ रुपए जारी किये गए हैं। इसी तरह पंजाब शहरी विकास अथॉरिटी को कजऱ् सेवाओं के लिए 39.96 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। इसके साथ ही भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) के लिए 39 करोड़ रुपए और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अधीन 26.42 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई है।
वित्त विभाग ने नौजवानों को स्मार्ट फोनों के वितरण के लिए 25 करोड़ रुपए, बाढ़ रोकथाम प्रोजेक्टों के लिए 23.59 करोड़ रुपए के अलावा अनुसूचित जातियों /पिछड़े वर्गों की भलाई के लिए शगुन स्कीम के अंतर्गत 19.54 करोड़ रुपए जारी किये हैं। प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना (पी.एम.के.वी.वाई.) अधीन रोजग़ार सृजन और प्रशिक्षण प्रोग्राम के लिए 14 करोड़ रुपए और तकनीकी शिक्षा के लिए 7.01 करोड़ रुपए जारी किये गए हैं।
यह फंड मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के निर्देशों के अंतर्गत राज्य के सर्वपक्षीय विकास को बढ़ावा देने के लिए सभी विभागों को जारी किये गए हैं जिससे वह कोविड-19 महामारी के कारण राज्य की डाँवाडोल हो चुकी आर्थिकता को मज़बूती देने के लिए व्यर्थ खर्चों को घटाकर अतिरिक्त स्रोत जुटाने के लिए अपनी कोशिशों को तेज़ कर सकें।
-NAV GILL

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