दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया द्वारा दिल्ली के सरकारी स्कूलों की लिस्ट जारी करने के 24 घंटे बाद भी पंजाब के शिक्षा मंत्री परगट सिंह ने नहीं जारी की पंजाब के स्कूलों की लिस्ट 

मैदान छोडक़र भाग रहे हैं परगट सिंह, मुख्यमंत्री चन्नी जारी करें पंजाब के सबसे बेहतर ढाई सौ स्कूलों की सूची- मनीष सिसोदिया 

पिछले 5 वर्षों में कांग्रेस ने पंजाब में शिक्षा पर क्या काम किया, पंजाब की जनता को जानने का अधिकार- सिसोदिया 

कहा, दोनों राज्यों के स्कूलों की तुलना से भागना यह साबित कर रहा है कि कांग्रेस सरकार ने पंजाब में शिक्षा पर नहीं किया कोई काम 

केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में शिक्षा को लेकर किए जबरदस्त काम, पूरी दुनिया में हो रही है दिल्ली के शिक्षा मॉडल की चर्चा- मनीष सिसोदिया 

नई दिल्ली:दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया द्वारा दिल्ली के ढाई सौ सरकारी स्कूलों की सूची (लिस्ट) जारी करने के 24 घंटे बाद भी पंजाब के शिक्षा मंत्री परगट सिंह ने पंजाब के स्कूलों की सूची जारी नहीं की। इस संबंध में सोमवार को दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, ‘‘पंजाब के शिक्षा मंत्री मैदान छोडक़र भाग रहे हैं। परगट सिंह जी तो लिस्ट जारी नहीं कर पाए लेकिन मुझे उम्मीद है कि पंजाब के मुख्यमंत्री चन्नी साहब पंजाब के सबसे बेहतर ढाई सौ सरकारी स्कूलों की सूची जारी करेंगे।’’

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सिसोदिया ने कहा कि पंजाब की जनता को यह जानने का हक है कि कांग्रेस की सरकार ने पिछले 5 वर्षो में राज्य में शिक्षा के लिए क्या काम किया है? दोनों राज्यों के स्कूलों की तुलना से भागना यह साबित कर रहा है कि कांग्रेस सरकार ने पंजाब में शिक्षा पर कोई काम नहीं किया है। दूसरी ओर केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में शिक्षा को लेकर जबरदस्त काम किया है। जिस कारण दिल्ली के एजुकेशन मॉडल की चर्चा आज पूरे विश्व में हो रही है। अब परगट सिंह तुलना करने के बजाय मैदान छोडक़र भाग रहे हैं, क्योंकि उनके पंजाब के एजुकेशन मॉडल पर दिखाने के लिए कुछ नहीं है।

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असलियत यह है कि कांग्रेस ने पिछले साढे 4 वर्षों में पंजाब के विकास के लिए कुछ नहीं किया और शिक्षा के क्षेत्र में तो पंजाब में शून्य काम हुआ है।  पंजाब की जनता ने बहुत ही उम्मीदों के साथ कांग्रेस की सरकार चुनी थी लेकिन कांग्रेस जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी और पंजाब की जनता से धोखा किया। ससोदिया ने कहा कि परगट सिंह के मैदान छोडऩे के बाद अब हम चन्नी साहब से यह उम्मीद रखते हैं कि वह आज ही पंजाब के ढाई सौ स्कूलों की सूची जारी करें।

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सिसोदिया ने जोर देकर कहा कि पंजाब की जनता का यह जानने का भी अधिकार बनता है कि क्या पंजाब सरकार के पास ऐसे ढाई सौ स्कूल भी नहीं है, जहां दिल्ली के स्कूलों की तरह पिछले 5 वर्षों में वल्र्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया हो, टीचर-स्कूल प्रमुखों को विदेशों से ट्रेनिंग दिलवाई गई हो, रिजल्ट को बेहतर किया गया हो, बच्चे आईआईटी/जेईई के लिए चुने जा रहे हों। मनीष सिसोदिया ने आगे कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि चन्नी साहब मैदान छोडक़र नहीं भागेंगे और आज शाम तक पंजाब के ढाई सौ स्कूलों की सूची जारी करेंगे।

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यदि वह लिस्ट जारी नहीं कर पाते हैं तो सार्वजनिक रूप से यह मानेंगे कि पिछले 5 वर्षों में पंजाब की शिक्षा व्यवस्था को ठीक करने के लिए कुछ नहीं किया गया।’’ उल्लेखनीय है कि उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने रविवार को दिल्ली के ढाई सौ सरकारी स्कूलों की लिस्ट जारी कर पंजाब के शिक्षा मंत्री परगट सिंह को दिल्ली आकर यहां के स्कूलों को देखने का निमंत्रण दिया था। साथ ही पंजाब के ढाई सौ स्कूलों की सूची भी जारी करने के लिए कहा था, ताकि दोनों राज्यों के स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर, टीचर ट्रेनिंग, रिजल्ट में सुधार और ओवरऑल लर्निंग आउटकम की तुलना की जा सके, ताकि पंजाब की जनता यह समझ सके कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली का शिक्षा मॉडल शानदार है या पंजाब में कांग्रेस का शिक्षा मॉडल बेहतर है।

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