पंजाब में 18946 एकड़ वन क्षेत्र नाजायज कब्जों से मुक्त करवाया ; वन अधीन क्षेत्र 2872 एकड़ बढ़ा: साधु सिंह धर्मसोत

चंडीगढ़, 4 जनवरी:

पंजाब सरकार के ठोस यत्नों का असर दिखने लगा है और पिछले अरसे दौरान वन का 18946 एकड़ क्षेत्र नाजायज कब्जों से मुक्त करवाया गया है। राज्य के वन अधीन क्षेत्र में 2872 एकड़ का विस्तार दर्ज किया गया है।आज यहाँ पंजाब भवन में प्रैस कान्फ्ऱेंस के दौरान वन, सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक और मुद्रण एवं लेखन सामग्री विभाग के मंत्री स. साधु सिंह धर्मसोत ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य में हरियाली बढ़ाने के लिए वचनबद्ध है और इस दिशा में उचित और प्रभावशाली कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि साल 2017-18 दौरान 879 एकड़, 2018-19 दौरान 1688 एकड़, 2019-20 दौरान 13132 एकड़ जबकि चालू साल 2020-21 दौरान अब तक 3247 एकड़ वन क्षेत्र को नाजायज कब्जों से मुक्त करवाया जा चुका है। अब तक नाजायज कब्जों से मुक्त कुल क्षेत्र 18946 एकड़ बनता है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों पर जि़ला प्रशासनों के सहयोग के साथ वन की ज़मीन नाजायज कब्जों से मुक्त करवाई है।

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स. धर्मसोत ने कहा कि भारत सरकार की तरफ से जारी की गई ताज़ा वन कवर रिपोर्ट के अनुसार राज्य के वन क्षेत्र में 2872 एकड़ का विस्तार हुआ है जिससे यह पता चलता है कि राज्य सरकार की तरफ से लागू किये प्रोग्राम सफलता हासिल करने की तरफ बढ़ रहे हैं।

स. धर्मसोत ने बताया कि श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के सम्बन्ध में राज्य के 12986 गाँवों में लगभग 77 लाख देसी किस्मों के पौधे लगाए गए और लोगों के सहयोग से 432 नानक बगीचीयां भी तैयार करवाई गई हैं। इस तरह श्री गुरु तेग़ बहादुर जी के 400वें प्रकाश पर्व के सम्बन्ध में राज्य के हर गाँव में लोगों की शमूलियत के साथ 60 लाख पौधे लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि हर गाँव में लगाए गए 550 पौधों की संभाल और वैकल्पिक पौधे मुहैया करवाने के लिए एक प्रभावशाली सप्लाई चेन को यकीनी बनाया गया था जिससे खऱाब या ख़त्म हुए पौधों की जगह नया पौधा लगाया जा सके। इसी सप्लाई चेन को 400 पौधे लगाने की मुहिम के दौरान भी बरकरार रखा जा रहा है।

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उन्होंने बताया कि मौजूदा पंजाब सरकार की तरफ से सत्ता संभालने के बाद से पनकैंपा स्कीम के अंतर्गत लगभग 34988 एकड़ क्षेत्रफल पर नये पौधे लगाए गए कंडी एरिये के 1292 लाभपात्री किसानों को काँटेदार तार लगाने के लिए 8.29 करोड़ रुपए की सब्सिडी दी गई जिससे वह अपनी फसलों को जंगली जीवों से बचा सकें। इसी तरह एग्रोफारैस्टरी स्कीम अधीन पिछले चार सालों के दौरान 115.96 लाख पौधों पर 10204 लाभपात्री किसानों को लगभग 10 करोड़ रुपए की सब्सिडी आधार लिंक्ड खातों में सीधे तौर पर डाली गई।

स. धर्मसोत ने बताया कि साल 2018-19 में शुरू की गई ‘घर-घर हरियाली’ स्कीम के अंतर्गत लोगों को अब तक लगभग 1 करोड़ पौधे विभागीय नर्सरियों में से मुफ़्त मुहैया करवाए गए, इसमें से ‘आई हरियाली ऐप’ के द्वारा भी 41.5 लाख पौधे लोगों की तरफ से मुफ़्त प्राप्त किये गए। उन्होंने बताया कि साल 2020-21 दौरान पनकैंपा और ग्रीन पंजाब मीशन स्कीमों के अंतर्गत 4897 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर नये पौधे लगाए गए हैं। इसी तरह 1185 किसानों को एग्रोफारैस्टरी स्कीम लाभ देते हुए 1783 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर लगभग 14.37 लाख पौधे लगवाए जा चुके हैं जबकि ‘घर घर हरियाली’ स्कीम के अंतर्गत लगभग 9.97 लाख पौधे लोगों को मुफ़्त बाँटे जा चुके हैं।

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उन्होंने बताया कि राज्य में ब्यास, केशोपुर और नंगल वैटलैंड को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित ‘‘रामसर’’ साईटें घोषित किया गया है। इसके अलावा छत्तबीड़ चिडिय़ाघर को अब वल्र्ड एसोसीएशन ऑफ जूज़ और एकुआरियम्ज़ के मैंबर के तौर पर शामिल किया गया है, जो कि गौरव की बात है।

स. धर्मसोत ने साल 2021-22 दौरान किये जाने वाले प्रस्तावित कार्यों का जि़क्र करते हुए कहा कि पनकैंपा और ग्रीन इंडिया मीशन स्कीम के अंतर्गत लगभग 19125 एकड़ क्षेत्रफल पर प्लांटेशन के काम करवाए जाने का प्रस्ताव है। इसी तरह एग्रोफारैस्टरी स्कीम के अंतर्गत अगले बरस दौरान 30 लाख पौधे लगाए जाएँ और ‘घर -घर हरियाली’ स्कीम के अंतर्गत लगभग 15 लाख पौधे लोगों को मुफ़्त मुहैया करवाने का लक्ष्य निश्चित किया गया है। इसी तरह नगर वन योजना के अंतर्गत चार साईटें पठानकोट, बठिंडा, मोहाली और पटियाला से सम्बन्धित प्रोजैक्ट तैयार करके भारत सरकार को मंजूरी के लिए भेजा जा चुका है, जिसका वित्तीय अनुमान 607 लाख रुपए है। पंजाब के कंडी क्षेत्र के किसानों को अपनी फसलों की उपज बढ़ाने के लिए तारबन्दी करने हेतु एक नया प्रोजैक्ट तैयार करके कृषि विभाग पंजाब को राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत स्वीकृत करने के लिए भेजा गया है, जिसका वित्तीय अनुमान 775 लाख रुपए है।

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प्रैस कान्फ्ऱेंस के दौरान सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक विभाग की कारगुज़ारी बारे जि़क्र करते हुए स. धर्मसोत ने कहा कि साल 2020 दौरान ‘आशीर्वाद’ स्कीम के अंतर्गत अनुसूचित जातियों की 10873 बेटियों को 22 करोड़ रुपए जबकि पिछड़ी श्रेणियों /आर्थिक तौर पर कमज़ोर वर्गों की 8209 बेटियों को 17 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता उनके विवाह के अवसर पर प्रदान की गई।

मंत्री ने बताया कि साल 2020 दौरान राज्य सरकार ने अपने स्तर पर नयी डॉ. बी.आर.अम्बेदकर एस.सी. पोस्ट मैट्रिक सकॉलरशिप स्कीम 27 अक्तूबर, 2020 को अधिसूचित की जो अकादमिक सैशन 2020-21 से लागू हो गई है। यह स्कीम पंजाब राज्य के निवासी अनुसूचित जातियों से सम्बन्धित वर्ग, जिन्होंने पंजाब राज्य और चण्डीगढ़ से मैट्रिक पास की हो, के लिए लागू होगी। इस स्कीम के अंतर्गत लाभ लेने के लिए आय सीमा (माता-पिता दोनों की आय) 2.50 लाख रुपए से बढ़ाकर 4 लाख रुपए कर दी गई है। इस स्कीम के अंतर्गत लाभ देने का दायरा पंजाब और चण्डीगढ़ केंद्रीय और राज्य स्तरीय सरकारी उच्च शिक्षा संस्थाओं तक बढ़ा दिया गया है।

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स. धर्मसोत ने बताया कि केंद्र सरकार की सहायता से अल्पसंख्यक वर्ग से सम्बन्धित विद्यार्थियों को लाभ देने के लिए तीन स्कीमों प्री मैट्रिक सकॉलरशिप स्कीम, पोस्ट मैट्रिक सकॉलरशिप स्कीम और मेरिट कम मीन्स बेस्ड सकॉलरशिप आदि चलाईं जा रही हैं। साल 2020 दौरान प्री-मैट्रिक सकॉलरशिप स्कीम फॉर मन्युरिटी के अंतर्गत 4,68,622 विद्यार्थियों को 76.14 करोड़ रुपए, पोस्ट मैट्रिक सकॉलरशिप फॉर मन्युरिटी स्कीम के अंतर्गत 56,664 विद्यार्थियों को 30.18 करोड़ रुपए और मेरिट कम मीन्स बेस्ड सकॉलरशिप स्कीम के अंतर्गत 2404 विद्यार्थियों को 6.45 करोड़ रुपए की वज़ीफ़ा राशि डी.बी.टी. मोड के द्वारा अदा की गई।

इसी तरह साल 2020 दौरान पंजाब अनुसूचित जातियों भू विकास और वित्त कारपोरेशन की तरफ से सेल्फ इम्प्लायमैंट स्कीमों अधीन 417 लाभपात्रीयों को 5.59 करोड़ रुपए के कजऱ्े समेत सब्सिडी की राशि बांटी गई। इसी तरह पंजाब पिछड़ी श्रेणियां भू विकास और वित्त कारपोरेशन की तरफ से सेल्फ इम्प्लायमैंट स्कीमों अधीन 228 लाभपात्रीयों को 3.91 करोड़ रुपए की राशि बांटी गई। पंजाब सरकार की तरफ से पहले ही अनुसूचित जातियों के 14260 और पिछड़ी श्रेणियों के 1630 कर्जदारों का 50-50 हज़ार रुपए तक का कजऱ् माफ किया जा चुका है, जो तकरीबन 52 करोड़ रुपए बनता है।

स. धर्मसोत ने बताया कि विभाग की तरफ से नये बरस 2021 के दौरान एस.सी./बी.सी. नौजवानों का 2 लाख रुपए तक का कजऱ् माफ करने का प्रस्ताव तैयार करके वित्त विभाग को भेजा गया है। इसी तरह आने वाले बरस के दौरान ‘आशीर्वाद’ स्कीम के अंतर्गत राज्य की आर्थिक पक्ष से कमज़ोर बेटियों के विवाह के अवसर पर दी जाने वाली वित्तीय सहायता 21 हज़ार से बढ़ाकर 51 हज़ार करने का प्रस्ताव है।

प्रैस कान्फ्ऱेंस के दौरान मुद्रण एवं लेखन सामग्री विभाग के कामों का जि़क्र करते हुउ स. धर्मसोत ने कहा कि सरकारी प्रैस मोहाली और पटियाला में अलग-अलग सरकारी विभागों के लिए कई तरह के रजिस्टरों, यूनिवर्सल और ए.एंड टी. फॉर्म, किताबों, मैगज़ीनों और चयन विभाग के लिए चयन मसौदे की छपाई की गई। ‘बदलता और बढ़ता पंजाब’ मैगज़ीन और ‘मीशन फतह’ के पत्रों/पैंफलैंटों की छपाई समय पर मुकम्मल करवाने के उपरांत डी.पी.आर. विभाग को सप्लाई की। इसी तरह 1 लाख वॉल कैलेंडर और 21000 डीलक्स डायरियों की समयबद्ध तरीके से छपाई करवाई। इसके अलावा श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व सम्बन्धी 500 कॉफ़ी टेबल बुक-भाग-2 की छपाई, अलग-अलग विभागों के पत्रों की छपाई पूरी गोपनीयता बरकरार रखते हुए की।

उन्होंने बताया कि सरकारी प्रेसों में आधुनिक मशीनें स्थापित करने सम्बन्धी प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा जा चुका है, जिससे आने वाले समय के दौरान विभाग की कारगुज़ारी को प्रभावशाली बनाया जा सके।

-NAV GILL

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