इस अचूक औषधि से थायराइड को करें बाय-बाय…

शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाए

थायराइड में है फायदेमंद

प्रकृति ने मानव को कुछ ऐसी जड़ी-बूटियां व औषधियां दी हैं जो मानव के लिए बेहद लाभदायक हैं। अगर इन जड़ी-बूटियों का प्रयोग सही मात्रा व सही ढंग से किया जाए तो स्वास्थ्य संबंधी कई रोगों व बीमारियों से निजात पाई जा सकती है। इन जड़ी-बूटियों के बारे में जानकारी ना होने पर किया गया सेवन व प्रयोग सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। दोस्तो आज हम आपको एक ऐसी जड़ी-बूटी व औषधि के बारे में बताएंगे जिसके प्रयोग से आप कई प्रकार के रोगों से निजात पा सकते हैं। आज हम चर्चा करेंगे ‘अश्वगंधा’ के फायदे और नुकसान के बारे में।

प्राचीन समय से आयुर्वेद में ‘अश्वगंधा’ का प्रयोग एक औषधि के रूप में किया जाता है। इसे ‘भारतीय जिनसेंग’ के नाम से भी जाना जाता है। ‘अश्वगंधा’ के औषधीय गुणों का का वर्णन चीनी चिकित्सा और  आयुर्वेद में किया  गया है। इसके अलावा अफ्रीका और अमेरिका के मूल निवासियों द्वारा भी ‘अश्वगंधा’ का प्रयोग कई प्रकार के रोगों से मुक्ति पाने के लिए किया जाता है।इसे भी पढ़ें…मानसिक थकान, चिंता व तनाव होगा दूर…करें इसका सेवन

‘अश्वगंधा’ का अगर शाब्दिक अर्थ किया जाए तो इसका अर्थ है ‘घोड़े की गंध’। क्योंकि इसके पौधे की जड़ों की गंध घोड़े के पसीने की गंध जैसी होती है। मूल रूप से ‘अश्वगंधा’ एक प्राचीन भारतीय जड़ी-बूटी है। इसका फल टमाटर जैसा नारंगी या लाल रंग का होता है।

‘अश्वगंधा’ के फायदे

तनाव करे दूर

‘अश्वगंधा’ का सेवन करने से मानसिक तनाव दूर होता है। ‘अश्वगंधा’ पर किए गए अध्ययनों में ‘अश्वगंधा’ में तनाव विरोधी गुण पाए गए हैं। जानवरों पर किए गए अध्ययनों में पाया गया है कि ‘अश्वगंधा’ का सेवन करने से मानसिक तनाव व चिंता दूर होती है। इसके बाद इंसानों पर की गई शोध में भी यही तथ्य सामने आए हैं।

कैंसर में है लाभदायक

कैंसर जैसी नामुराद बिमारी में ‘अश्वगंधा’ का का प्रयोग लाभदायक रहता है। अध्ययनों में पाया गया है कि इसका प्रयोग कैंसर की कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है। कैंसर को बढ़ाने वाले सेल्स को रोकने में ‘अश्वगंधा’ का सेवन सहायक सिद्ध होता है।इसे भी पढ़ें…गठिया का दर्द एक महीने में होगा दूर…करें इसका सेवन

संक्रमण को करे दूर

‘अश्वगंधा’ के पौधे की जड़ों में एंटी फंगल व एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। खासकर महिलाओं की संक्रमण संबंधी समस्याओं में ‘अश्वगंधा’ का सेवन लाभदायक रहता है। इसका प्रयोग गर्भाशय की सूजन को कम करने के लिए किया जाता है।

शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाए

‘अश्वगंधा’ का प्रयोग शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। जो लोग जल्द बिमार पड़ते हैं। और किसी ना किसी छोटी-मोटी बिमारी या रोग से जल्द ग्रस्त हो जाते हैं। उनके लिए ‘अश्वगंधा’ का सेवन बहुत लाभदायक रहता है।

मधुमेह को करे नियंत्रित

‘अश्वगंधा’ पर किए गए अध्ययनों में पाया गया है कि इसका सेवन करने से मधुमेह के रोगियों को फायदा हो सकता है। शोध में पाया गया है कि अगर ‘अश्वगंधा’ का सेवन चार हफ्ते तक किया जाए तो शूगर के लेवल को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

दिल के रोगों को करे दूर

‘अश्वगंधा’ का सेवन करने से दिल के रोग होने की संभावना कम हो जाती है। इसका लगातार सेवन करने से खून का प्रवाह सही ढंग से चलता है और खून के थक्के नहीं जमते। इसके अलावा हाई ब्लड प्रेशर व कोलेस्ट्रोल आदि समस्याओं में भी इसका सेवन लाभदायक रहता है।इसे भी पढ़ें…इस अंक का है प्रकृति, ब्रह्मांड, धर्म, शास्त्र, संगीत में विशेष प्रभाव…

पुरुषों के लिए है फायदेमंद

पुरुषों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए ‘अश्वगंधा’ रामबाण औषधि है। ‘अश्वगंधा’ का सेवन करने के बाद पुरुषों के शरीर में सकारात्मक बदलाव होते हैं। अध्ययनों में पाया गया है कि ‘अश्वगंधा’ पुरुषों में शुकराणुओं की संख्या को बढ़ाने में मददगार है। और इसके सेवन से पुरुषों के यौन स्वास्थ्य में सुधार होता है।

 थायराइड में है फायदेमंद

‘अश्वगंधा’ का सेवन करने से हाइपो व हाइपर थायराइड दोनों में ही फायदा होता है। इसका सेवन दोनों ही स्थितियों में लाभदायक है चाहे थायराइड बढ़ने की समस्या हो या फिर थायराइड कम होने की समस्या।

कद बढ़ाए

बच्चों के रुके हुए विकास व कद को बढ़ाने में ‘अश्वगंधा’ सहायता करता है। इसके लिए एक गिलास दूध में दो चम्मच ‘अश्वगंधा’ चूर्ण और चीनी डाल कर रात को सोने से पहले पीने से लाभ मिलता है।

त्वचा के लिए है फायदेमंद

त्वचा संबंधी समस्याओं में इसका सेवन लाभदायक रहता है। इसके सेवन से चेहरे के दाग-धब्बे व झुर्रियां दूर होती हैं। यह बढ़ रही उम्र के प्रभाव को भी दूर करता है। इसमें एंटी- एजिंग तत्व पाए जाते हैं जिनसे व्यक्ति बूढ़ा दिखाई नहीं देता।

बालों को दे पोषण

‘अश्वगंधा’ का सेवन करने से बालों का सफेद होना कम होता है। और बालों का झड़ना व टूटना कम होता है। इसमें मौजूद तत्व बालों को पोषण देते हैं जिससे बाल मज़बूत बनते हैं।

आंखों के लिए है फायदेमंद

‘अश्वगंधा’ का प्रयोग आंखों के लिए भी लाभदायक है। अध्ययनों के अनुसार ‘अश्वगंधा’ का सेवन करने से आंखों की सबसे आम समस्या मोतियाबिंद में लाभ मिलता है।

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‘अश्वगंधा’ का सेवन कैसे करें

‘अश्वगंधा’ का सेवन चूर्ण के रूप में या सूखी जड़ के रूप में किया जाता है। इसकी ताज़ा जड़ का प्रयोग भी किया जा सकता है। लेकिन ‘अश्वगंधा’ के सेवन या प्रयोग से पहले किसी आयुर्वेद के डाक्टर या विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए। इसका प्रयोग चाय या दूध में डालकर किया जा सकता है।

‘अश्वगंधा’ के नुकसान

‘अश्वगंधा’ का अधिक मात्रा में सेवन करने से शरीर में कुछ बदलाव हो सकते हैं। इस लिए इसका सेवन व प्रयोग सीमित मात्रा में करना चाहिए। इसके अधिक सेवन से ज्यादा नींद आती है। अगर आप किसी दवाई का प्रयोग कर रहे हैं तो ‘अश्वगंधा’ का सेवन उसके असर को खत्म कर सकता है। पेट में अल्सर की समस्या से ग्रस्त लोगों को ‘अश्वगंधा’ का प्रयोग डाक्टर की सलाह से करना चाहिए और खाली पेट इसके सेवन से बचना चाहिए। थायराइड की लगातार दवाई ले रहे लोगों के लिए ‘अश्वगंधा’ का सेवन नुकसानदायक हो सकता है। गर्भवती महिलाओं व बच्चों को दूध पिलाने वाली माताओं को ‘अश्वगंधा’ के सेवन से परहेज़ करना चाहिए।

धर्मेन्द्र संधू

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