आपात मीटिंग करके वित्त कमिशनर राजस्व को विशेष गिरदावरी करवाने के निर्देश: कैप्टन अमरिन्दर सिंह

– मुख्यमंत्री ने आपात मीटिंग करके राज्य में बाढ़ जैसी स्थिति का लिया जायज़ा
-कल सभी स्कूल -कालेज बंद रखने के हुक्म, सेना को चौकस रहने के लिए कहा
-फसलों के नुक्सान का अनुमान लगाने के लिए वित्त कमिशनर राजस्व को विशेष निर्देश

चंडीगढ़ : पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कल राज्य के सभी स्कूल और कालेज बंद रखने के हुक्म दिए हैं। उन्होंने यह हुक्म लगातार बारिश होने से राज्य में पैदा हुई बाढ़ जैसी स्थिति का जायज़ा लेने के अवसर पर दिए। किसी तरह की संभावी स्थिति से निपटने के लिए राज्य की सहायता के लिए सेना को भी चौकस रहने के लिए कहा गया है।


सरकारी निवास पर बुलाई आपात मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने पिछले चार दिनों से भारी बारिश होने से फसलों के नुक्सान होने का अनुमान लगाने के लिए विशेष गिरदावरी करवाने के भी हुक्म दिए हैं। उन्होंने वित्त कमिशनर राजस्व को कहा कि पानी का स्तर घटने के तुरंत बाद गिरदावरी की प्रक्रिया शुरू करने के लिए डिप्टी कमीशनरों को विस्तृत दिशा -निर्देश जारी किये जाएँ।

मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और विधायकों को अपने-अपने इलाकों का दौरा करके ज़मीनी स्थिति का पता लगाने और सम्बन्धित विभागों के साथ तालमेल करने के लिए कहा जिससे लोगों को पेश समस्याओं का तत्काल हल किया जा सके। उन्होंने खाद्य एवं सिविल सप्लाईज़ और पशु पालन विभागों के मंत्रियों को भी कहा कि स्थिति के मद्देनजऱ प्रभावित लोगों को खाद्य पदार्थों के पैकेट बाँटने और पशुओं के लिए सूखा चारा मुहैया करवाने को यकीनी बनाया जाये।
मुख्यमंत्री ने वित्त कमिशनर राजस्व को ज़रूरत पडऩे पर सेना, बी.एस.एफ., एन.डी.आर.एफ. और अन्य अर्धसैनिक बलों से हरेक तरह की सहायता मांगने के लिए कहा।

मुख्यमंत्री को मौजूदा हालात बारे जानकारी देते हुए वित्त कमिशनर राजस्व ने कहा कि स्थिति पर नज़दीक से नजऱ रखने के लिए उन्होंने सभी डिप्टी कमीशनरों के साथ लगातार संपर्क बनाया हुआ है और डिप्टी कमीशनरों को किसी भी तरह की मदद के लिए अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आती सेना की अथॉरिटी के साथ तुरंत तालमेल करने के लिए कहा गया है।

वित्त कमिशनर राजस्व ने मुख्यमंत्री को यह भी जानकारी दी कि बाढ़ की रोकथाम के कार्यों के साथ-साथ बचाव कार्यों के लिए डिप्टी कमीशनरों को फुटकर ख़र्च के तौर पर 7.40 करोड़ रुपए भेज दिए गए हैं।
निरंतर आधार पर स्थिति पर नजऱ रखने पर ज़ोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अलग -अलग विभागों के सीनियर अधिकारियों और डिप्टी कमीशनरों को वित्त कमिशनर राजस्व के साथ नज़दीकी तालमेल रखने के लिए कहा।
दूषित पानी से डायरिया, पीलिया और फ्लू जैसे रोगों के संभावी खतरे पर चिंता ज़ाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने इसकी रोकथाम के लिए विशेष मैडीकल जांच कैंप लगाने और इस सम्बन्धी उचित दवाओं का पुख़्ता इंतज़ाम करने के लिए कहा। स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री को बताया कि किसी भी समस्या का सामना करने के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है और सभी सिविल सर्जनों को सम्बन्धित डिप्टी कमीशनरों के साथ तालमेल करके स्थिति पर नजऱ रखने के लिए हिदायतें जारी कर दीं हैं।

विचार-विमर्श में हिस्सा लेते हुए भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड के प्रमुख डी.के.शर्मा ने बताया कि भाखड़ा की स्थिति इस समय काबू में है और वह पौंग डैम के पानी के स्तर की लगातार निगरानी कर रहे हैं।
इस दौरान जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव ने बताया कि पौंग डैम के पानी का स्तर अधिकतम 1390 फुट के सामथ्र्य के मुकाबले इस समय 1385.12 फुट है, इसी तरह भाखड़ा के पानी का स्तर अधिकतम 1680 फुट के सामथ्र्य के मुकाबले 1655.49 फुट है और रणजीत सागर डैम जहाँ रावी दरिया का पानी पड़ता है, के पानी का स्तर अधिकतम 527.91 मीटर के मुकाबले 526.65 मीटर है।

इससे पहले मुख्यमंत्री के मुख्य प्रमुख सचिव ने बताया कि आज सुबह राज्य सरकार की तरफ से जारी किये रैड्ड अलर्ट के बाद सभी डिप्टी कमिशनर लगातार बारिश होने के मद्देनजऱ पैदा हुई स्थिति पर नज़दीकी नजऱ रख रहे हैं और आपदा कंट्रोल रूम भी सक्रिय कर दिए गए हैं। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को तैयार रहने के हुक्म दिए गए हैं।
इसके अलावा ऐसी स्थिति में सेना को भी तैयार रहने की अपील की गई है। डिप्टी कमीशनरों को राहत केन्द्रों की पहचान करके लोगों को इन राहत केन्द्रों तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए आवश्यक योजना तैयार करने के लिए कहा। बाढ़ के पानी के निकास के लिए साजो-सामान का इंतिज़ाम किया जा चुका है। इसके अलावा सतलुज, रावी और ब्यास नदियों के साथ लगते इलाकों में पड़ते जिलों में प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए अतिरिक्त किश्तियों का बंदोबस्त भी किया जा चुका है।

मीटिंग में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा, राजस्व और जल संसाधन मंत्री सुखबिन्दर सिंह सरकारिया, पशु पालन मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू, खाद्य और सिविल स्पलाई मंत्री भरत भूषण आशु, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, मुख्यमंत्री के प्रमुख विशेष सचिव सुरेश कुमार, अतिरिक्तमुख्य सचिव (गृह) एन.एस.कलसी, वित्त कमिशनर राजस्व एम.पी. सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सतीश चंद्रा, अतिरिक्त मुख्य सचिव विकास विश्वजीत खन्ना, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष प्रमुख सचिव गुरकिरत कृपाल सिंह, प्रमुख सचिव जल संसाधन जसपाल सिंह, सचिव व्यय राज कमल चौधरी और डायरैक्टर खाद्य एवं सिविल सप्लाई अनिन्दिता मित्रा उपस्थित थे।

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