सुखबिन्दर सिंह सरकारिया की मौजूदगी में शाहपुरकंडी डैम के बिजली घरों के निर्माण के लिए मैसजऱ् ओम इन्फ्रा लि. जे.वी. के साथ समझौते पर हुए हस्ताक्षर

चंडीगढ़, 25 फरवरी:
पंजाब के जल स्रोत विभाग द्वारा आज शाहपुरकंडी डैम प्रोजैक्ट के बिजली घरों (पावर हाऊस) के निर्माण के लिए मैसजऱ् ओम इन्फ्रा लि. जे.वी. के साथ समझौता किया गया। इस समझौते पर पंजाब के जल स्रोत मंत्री स. सुखबिन्दर सिंह सरकारिया और प्रमुख सचिव जल स्रोत विभाग श्री सरवजीत सिंह की मौजूदगी में मैसजऱ् ओम इन्फ्रा लि. जे.वी. के कार्यकारी डायरैक्टर श्री भरत कोठारी और चीफ़ इंजीनियर डैम, पंजाब श्री एस के सलूजा द्वारा हस्ताक्षर किए गए।

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जल स्रोत मंत्री ने कहा कि ओम इन्फ्रा लि. जे.वी. द्वारा ईपीसी मोड पर 621 करोड़ रुपए की लागत से मार्च, 2021 में बिजली घरों का निर्माण कार्य शुरू किया जायेगा। इस कार्य को 36 महीनों में मुकम्मल किया जायेगा। इन बिजली घरों की स्थापित क्षमता 206 मेगावाट (पीएच-ढ्ढ 3&33 एम.डब्ल्यू. पीएच-ढ्ढढ्ढ 3&33 एम.डब्ल्यू. + 1&8 एम.डब्ल्यू) है। इन पावर हाऊसों के इलैक्ट्रोमकैनिकल वर्कस पहले ही पी.एस.पी.सी.एल. के द्वारा बी.एच.ई.एल. (भेल) द्वारा किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रोजैक्ट के मुकम्मल होने पर शाहपुरकंडी डैम प्रोजैक्ट 1042 एम.यू. सालाना बिजली उत्पादन करेगा, जिसकी कीमत 415 करोड़ रुपए बनती है।
स. सुखबिन्दर सिंह सरकारिया ने कहा कि शाहपुरकंडी डैम प्रोजैक्ट राज्य में प्रदूषण रहित बिजली उत्पादन और सिंचाई प्रणाली में और सुधार लाने के लिए लाभप्रद सिद्ध होगा। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा शाहपुरकंडी डैम का काम युद्ध स्तर पर किया जा रहा है और मेन डैम का लगभग 60 प्रतिशत कार्य पहले ही मुकम्मल हो चुका है।
जल स्रोत विभाग के प्रमुख सचिव श्री सरवजीत सिंह ने बताया कि पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार, नयी दिल्ली और राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड, नयी दिल्ली द्वारा हाल ही में जम्मू-कश्मीर की तरफ पड़ते क्षेत्र के लिए वन और वन्य जीव सम्बन्धी मंज़ूरी दे दी गई है। उन्होंने आगे कहा कि हम मार्च महीने तक जम्मू-कश्मीर के साथ लगते क्षेत्र में काम शुरू करने की योजना बना रहे हैं जिससे प्रोजैक्ट समय पर मुकम्मल हो सकें। इससे पंजाब और जम्मू कश्मीर के 37000 हेक्टेयर क्षेत्रफल को सिंचाई सुविधाएं मिलने के अलावा अन्य और भी कई लाभ मिलेंगे।
चीफ़ इंजीनियर डैम, श्री एस.के. सलूजा ने कहा कि राज्य का यह प्रतिष्ठित प्रोजैक्ट मुकम्मल होने पर रणजीत सागर डैम को पीकिंग स्टेशन के तौर पर चलाने के योग्य बनाएगा, जिससे 100 करोड़ रुपए सालाना अतिरिक्त लाभ होगा। इसके अलावा पंजाब के सरहदी जिलों और जम्मू कश्मीर के कठुआ क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं में विस्तार करेगा। इस मौके पर चीफ़ इंजीनियर डिज़ाइन श्री एन.के. जैन और चीफ़ इंजीनियर नहर-2 श्री आर.एस. बुट्टर के अलावा शाहपुरकंडी डैम प्रोजैक्ट के अन्य सीनियर अधिकारी भी मौजूद थे।
-NAV GILL

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